बालगीत | अपना बस्ता लेकर पढ़ने | हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश’
बालगीत | अपना बस्ता लेकर पढ़ने | हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश’
बालगीत
शीर्षक:-अपना बस्ता लेकर पढ़ने।
अपना बस्ता लेकर पढ़ने,
स्कूल रोज मैं जाऊॅगा।1।
सबसे मिल-जुल बात करूॅगा,
सबको मीत बनाऊॅगा।2।
टीचर-मैम सभी को मिलकर,
सादर शीश झुकाऊॅगा।3।
हॅसी-खुशी जब छुट्टी होगी,
पढ़कर घर मैं आऊॅगा।4।
जिस दिन होगी छुट्टी अपनी,
उस दिन मौज मनाऊॅगा।5।
घर में मम्मी-पापा को सब,
पढ़कर रोज सुनाऊॅगा।6।
साफ रखूॅगा अपने कपड़े,
काम सभी निपटाऊॅगा।7।
रचना मौलिक,अप्रकाशित,स्वरचित,सर्वाधिकार सुरक्षित है।
हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश;
रायबरेली /द्वारका-नई दिल्ली














