संयम — जीवन की सच्ची शक्ति | आकांक्षा सिंह “अनुभा”
संयम — जीवन की सच्ची शक्ति
आकांक्षा सिंह “अनुभा”
उद्घोषिका, आकाशवाणी,
रायबरेली ।
संयम है जीवन की वो डोरी,
जो बिखरते मन को थाम लेती है।
आंधियाँ चाहे कितनी भी प्रचंड हों,
ये राह से हमें न भटकने देती है।
जिसके मन में संयम का दीप जले,
वो हर अंधियारा मिटा देता है।
जो खुद पर नियंत्रण रख लेता,
वो दुनिया को भी दिशा दे देता है।
संयम कोई बंधन नहीं,
ये आत्मा की सबसे बड़ी शक्ति है।
यही सिखाता है कठिन समय में,
कैसे मनुष्य रखे मर्यादा की भक्ति है।
जब क्रोध उमड़े, जब मन डोले,
जब सब कुछ असंभव सा लगे,
तब संयम का एक पल ही,
हज़ार जीतों के समान जगे।
जिसे अपने शब्दों पर काबू है,
जिसने भावनाओं को समझ लिया,
उसने जीवन का मर्म जाना,
उसने खुद को पहचान लिया।
संयम ही सच्ची साधना है,
संयम ही मानव की पहचान।
जो संयमी है, वही सफल है —
वही बने जीवन का महान उदाहरण।।














