Click it!
Kalam Kee Niyati- कलम की नियति / ज्योति गुप्ता - HindiRachnakar

Kalam Kee Niyati- कलम की नियति / ज्योति गुप्ता

Kalam Kee Niyati- कलम की नियति / ज्योति गुप्ता

प्रस्तुत कविता में लेखिका  के द्वारा  कलम की नियति  का वर्णन किया गया है कि कलम के द्वारा सुख समृद्धि को लिखा जा सकता है , लेखनी नहीं चाहती है कि  विनाश,दुःख, जैसे  बिन्दुओ पर उसके द्वारा  लिखा जाये , लेकिन समाज सुधारकों के द्वारा   कोरे पन्नो पर अथाह पीड़ाए लिखी गई।  अतः  हमारा  प्रयास होना चाहिए कि हमारी कलम समाज के सुधार के लिए चले ,  जिससे एक उत्तम समाज का निर्माण हो सके।

कलम की नियति


रंग बिरंगी स्याही से
गुलाबी पन्नो पर
चाहती है
कलम लिखना
समृद्धि,सुख,
और
प्रेम,

काली स्याही से
कोरे उजले पन्नो पर
नही चाहती है
कलम लिखना
विनाश,दुःख,
और
घृणा..

किन्तु,
कोरे पन्नो पर
अथाह पीड़ाए लिखी गई

और
गुलाबी पन्नो पर
अथाह अनुराग न लिख पाना ही
एक कलम की नियति हुई।

ज्योति गुप्ता


 

अन्य  रचना पढ़े :

आपको  Kalam Kee Niyati- कलम की नियति / ज्योति गुप्ता की  रचना कैसी लगी, अपने सुझाव कमेन्ट बॉक्स मे अवश्य बताए अच्छी लगे तो फ़ेसबुक, ट्विटर, आदि सामाजिक मंचो पर शेयर करें इससे हमारी टीम का उत्साह बढ़ता है।  आपकी रचनात्मकता को हिंदीरचनाकार देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए help@hindirachnakar.in सम्पर्क कर सकते है| whatsapp के माद्यम से रचना भेजने के लिए 91 94540 02444,  संपर्क कर कर सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

HindiRachnakar will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.

Subscribe to Hindi Rachnakar to get latest Post updates