Poem on Maharana pratap in hindi 2021 |  मेवाड़ – सूर्य

Poem on Maharana pratap in hindi 2021

 मेवाड़ – सूर्य ।।


जय-जय- जय मेवाड़ सूर्य ,
जय-जय- जय राणा प्रताप ।
अकबर के आगे सभी झुके ,
नहीं झुका प्रताप का स्वाभिमान ।

आन-बान और शान पुरोधा ,
वैभव त्यागे वन-गमन किया ।
आदिवासी भीलों से मैत्री ,
शाही – सेना का दमन किया ।

भामाशाह जैसा दानवीर ,
सर्वस्व प्रताप को भेंट किया।
मेवाड़ प्रजा की राष्ट्र-भक्ति ,
देखो, तन-मन-धन भेंट  किया

हल्दी घाटी को नमन करो ,
प्रताप-शौर्य से धन्य हुई ।
राणा का खड्ग भाला प्रहार ,
अकबर की सेना ध्वस्त हुई।

हल्दी घाटी में चेतक का ,
बलिदान कोई भूले कैसे ।
क्षत विक्षत पग, स्वामी सवार
लें गया पार , चेतक ऐसे ।

राणा प्रताप, योद्धा अजेय ,
और कुशल प्रशासक वीर धीर ।
साहित्य-कला, स्थापत्य सॄजन ,
राणा ने समझी प्रजा-पीर ।

राणा प्रताप बहुमुखी प्रतिभा ,
का हम अभिनन्दन करते हैं ।
हे स्वाभिमान के कीर्ति स्तंभ ,
संग  पथिक, तुम्हें वंदन  करते हैं ।।


राणा प्रताप और राजस्थान।


धन्य- धन्य मेवाड़ – भूमि ,
शत नमन तुझे हर बार ।
चित्तौड़ – दुर्ग की कटु कथा,
जहां जरी वीरांगना  नार ।

सतीत्व, स्वाभिमान रक्षा हित
पद्मिनी पन्ना के त्याग ।
नमन करूं भामाशाह जी को,
जगाई सर्वस्व त्याग की आग

मेवाड़ – रत्न राणा प्रताप ,
अकबर ने मानी हार ।
हल्दी-घाटी है मूक साक्षी ,
राणा के अगणित वार ।

माटी मेवाड़ को नमन करो ,
जहां स्वाभिमान रंग  भरा हुआ ।
गुहादित्य, बप्पा रावल, लाखा
हमीर रंग  चढ़ा हुआ ।।

त्याग, शौर्य और स्वाभिमान की ,
माटी मांग रही बलिदान ।
आज समूचे भरत खण्ड में ,
छेड़ो समग्र राष्ट्रीयता – तान ।

आर्य – वर्त की सुनो गर्जना ,
जागो – जागो हिन्दुस्थान ।
व्यापारिक ना बनो बंधुजन  ,
अपनी गरिमा का रखो ध्यान।

चेतक-सवार भीषण प्रहार ,
सीखो राणा से अमर त्याग ।
यह राष्ट्र ऋणी होगा पथिक ,
बरसों सीमा पर बनके आग।।

Rana-pratap-rajasthan
सीताराम चौहान पथिक

अन्य रचना पढे:

आपको Poem on Maharana pratap in hindi 2021/ सीताराम चौहान पथिक की हिंदी कविता कैसी लगी अपने सुझाव कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं।

हिंदीरचनाकार (डिसक्लेमर) : लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं। सर्वाधिकार सुरक्षित। हिंदी रचनाकार में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और हिंदीरचनाकार टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।|आपकी रचनात्मकता को हिंदीरचनाकार देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए help@hindirachnakar.in सम्पर्क कर सकते है| whatsapp के माद्यम से रचना भेजने के लिए 91 94540 02444, ९६२१३१३६०९ संपर्क कर कर सकते है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *