श्रवण कुमार पांडेय पथिक फतेहपुर की हिंदी कविता

मुक्तक एक कदम तुम भी चलो एक कदम हम भी चलें,आस्था भरे पग धरो इन्तजार मे हैं मंजिलें – श्रवण कुमार पांडेय पथिक फतेहपुर श्रवण कुमार पांडेय पथिक फतेहपुर की … Read More

कोई कली बगिया में जब खिलने को होती है / वेदिका श्रीवास्तव

कोई कली बगिया में जब खिलने को होती है कोई कली बगिया में जब खिलने,को होती है,बगिया को महकाएगी ये आस लिए होती है ,नाजुक सी प्यारी सी उपवन में,कितनी,सुन्दर … Read More

व्यथा हिंदी कविता / वेदिका श्रीवास्तव

व्यथा हिंदी कविता / वेदिका श्रीवास्तव नैतिकता तो खो सी गयी और मानवता का पूछो  मत ,सरकारी हो य़ा व्यक्तिगत लाभ कमाना चाहे सब ,बड़ी व्यथा है ,बड़ी व्यथा है … Read More

मन के जगमग दीप जलाएं / डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी शैलेश

मन के जगमग दीप जलाएं / डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी शैलेश राग द्वेष का जहां तिमिर है साथ साथ मिल दूर भगाएं मिल कर आपस में हम अपने मन के … Read More

रचनाकार बाबा कल्पनेश की हिंदी कविताएं

रचनाकार बाबा कल्पनेश की हिंदी कविताएं १.दीपक गान जहाँ पर घूर जलाकर दीप।करो उजियार पले सुख सीप।।तभी यह पर्व बने खुशहाल।रहे तब उच्च सदा निज भाल।। प्रकाश मिले सबको भरपूर।मिटे … Read More

रचनाकार हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश’ की हिंदी कविताएं

रचनाकार हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश’ की हिंदी कविताएं बाल आवाहन १. आओ हम संकल्प नया लें ले लो दीप दिवाली आई,होंठों पर फिर लाली छाई ।1। नूतन का हम स्वागत करते,उपवन … Read More

क्रोध और अहंकार / सीताराम चौहान पथिक

क्रोध और अहंकार / सीताराम चौहान पथिक अहंकार जब आ जाता है ,नशा आँख में छा जाता है ।पतन तभी होता है यारो ,अहम मनुज को खा जाता है इतिहास … Read More

दीप जलायें मन के सारे / डा. रसिक किशोर सिंह नीरज

दीप जलायें मन के सारे / डा. रसिक किशोर सिंह नीरज दीप जलायें मन के सारे,मिट जायें तम के अंधियारेरह न जाये कोई कोनामिट्टी भी हो जाये सोना। सदा राष्टृ … Read More

ग़ज़ल बिछुडता है दिले- दिलबर | Ghazal Bichhuta Hai Dile Dilbar

ग़ज़ल बिछुडता है दिले- दिलबर | Ghazal Bichhuta Hai Dile Dilbar बिछुडता है दिले- दिलबर ,तो दिल ना- साज होता है ।तडपता है सुबह और शाम ,बे-आवाज होता है ।। … Read More

आओ!अब मातम मनाएं | Hindi Kavita Aao Maatam Manaen

आओ!अब मातम मनाएं | Hindi Kavita Aao Maatam Manaen दिल्ली में न हिंदू मरान‌ मुसलमान‌‌ सिर्फ़ इंसान मरा‌आओ!अब अपने नापाकहाथों की कुछ‌ धूल झाड़ आएंचलो घटनास्थलका दौरा कर आएं !‌ … Read More

Vedika Srivastava latest Poem | शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा (Vedika Srivastava latest Poem) शरद पूर्णिमा चन्द्र है ऐसा जो सोये भाग्य जगा दे ,शरद पूर्णिमा शुभ होता है जो विश्वास जता दे ! शरद पूर्णिमा आम नहीं … Read More

चकाचौंध की दुनिया / डॉ० सम्पूर्णानंद मिश्र

चकाचौंध की दुनिया / डॉ० सम्पूर्णानंद मिश्र घुल गया है ज़हरचकाचौंध की दुनिया मेंजहां हर चेहरा एक राजदार है और उसकी सोचउतनी ही धारदार हैइस दुनिया की रेल- पटरी से … Read More

Kalam Hindi Kavita/ क़लम- सीताराम चौहान पथिक

क़लम (Kalam Hindi Kavita) आप लिख-लिख कर ,क़लम घिस जाएंगे ।ये जो है – चिकने घड़े ,रंगत नई दिखलाएंगे ।। आज भ्रष्टाचार बे-ईमानियो ,का – – – – – दौर … Read More

कटु – सत्य / सीताराम चौहान पथिक

कटु – सत्य मानव जीवन का अंतिम कटु सत्य ,धधकती चिता का शमन । देख कर लौटा हूं राजनेता की चिता ।प्रश्न कचोटता है , हॄदय झकझोरता है ,क्या इसी … Read More

hindi kavita रखती है आबरू/ सम्पूर्णानंद मिश्र

hindi kavita रखती है आबरू रखती है आबरू गुज़र रहे हैं माना कि बहुत बुरे दौर से हम सब लेकिन न उखड़े विवेक और धैर्य का खूंटा भलाई है पूरे … Read More