वसंत | बी.के. वर्मा शैदी
वसंत इत-उत, जित-जित ओर चितै,खिलै चित,प्रकृति-रचित कन-कन में वसंत है।वन-उपवन,कलियन औ’ सुमन मांहिं,अवनि,गगन में,सबन में वसंत है। साँस-साँस मधुमास की सुवास कौ निवास,मन में,बदन में,दृगन में वसंत है। पीत रंग,प्रीति … Read More
वसंत इत-उत, जित-जित ओर चितै,खिलै चित,प्रकृति-रचित कन-कन में वसंत है।वन-उपवन,कलियन औ’ सुमन मांहिं,अवनि,गगन में,सबन में वसंत है। साँस-साँस मधुमास की सुवास कौ निवास,मन में,बदन में,दृगन में वसंत है। पीत रंग,प्रीति … Read More