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हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश’ का रचना संसार | भरत-भूमि की जय-जय-जय हो

१. भरत-भूमि की जय-जय-जय हो। आओ आज धरा पर लिख दें,मिल कर नयी कहानी ,भरत-भूमि की जय जय जय हो,हर सन्ध्या भोर सुहानी।टेक। चलें सुपथ पर साथ सभी के,सबके हित … Read More

श्रवण कुमार पांडेय की रचनाएँ | Compositions of Shravan Kumar Pandey

श्रवण कुमार पांडेय की रचनाएँ | Compositions of Shravan Kumar Pandey भक्तजनों को खलेगा कथ्य,अनाथ पुत्री थीं जानकी सीता,,,,01 साक्ष्य जीवन्त जनश्रुति में,खेत से ही प्राप्त हुई थी सीता,,,,02 त्याज्यता … Read More

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स्वाभिमानी महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर कविता

स्वाभिमानी महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर कविता है स्वाभिमान के दिव्य पुंज ,शत-शत प्रणाम हम करते हैं।हे राम, प्रताप को लौटा दो ,दिन- रात प्रार्थना करते हैं । तुम भीष्म … Read More

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पूछिये न कब ,कहॉ,मैं किधर गया / हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश’,

पूछिये न कब ,कहॉ,मैं किधर गया। हादसों का दौर वह, जो गुजर गया,नशा किसी के प्यार का,था उतर गया।1। झूमते थे जो शजर ,बुलन्द ख्वाब में,उखड़े जो जड़ से रुतबा … Read More