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October 2020 - HindiRachnakar

Short hindi story pyara inam

Short hindi story pyara inam प्यारा ईनाम  माँ क्यो उलझती हो।आप बीमार हो,आपको रेस्ट करना चाहिए। घर में सब आपका कितना ध्यान रखते हैं। बड़े पापा, बड़ी माँ ,चाची तो … Read More

Abhee pukaro mat hindi kavita

Abhee pukaro mat hindi kavita  सृष्टि कुमार श्रीवास्तव अभी पुकारो मत  अभी पुकारो मत  हमे पुकारो मत। झंझावत मे जी लेने दो आज  हलाहल पी लेने दो मलयानिल  के मृदु … Read More

सुनहरी भोर की ओर ‘(कविता संग्रह) की पाण्डुलिपि के पूजन के साथ काव्य गोष्ठी सम्पन्न ।

 ‘सुनहरी भोर की ओर ‘(कविता संग्रह) की पाण्डुलिपि के पूजन के साथ काव्य गोष्ठी सम्पन्न । कविता संग्रह के प्रकाशनार्थ डॉ रसिक किशोर सिंह नीरज को अंग वस्त्र ,दस हजार रुपये का … Read More

Short poetry on neend-डॉ. दया शंकर पाण्डेय

 Short poetry on neend Short-story-on-neend बात सुन्दरता की तेरी बात सुन्दरता की तेरी क्यों ज़ुबां कहती नहीं है, जुगनुओं को पकड़ने से रात क्यों जाती नहीं है, आँख ख़ुद उठकर … Read More

परिवर्तन-parivartan hindi kavita-डॉ.संपूर्णानंद मिश्र

 parivartan hindi kavita परिवर्तन *- परिवर्तन* परिवर्तनशील है यह संसार यह ध्रुव सत्य है नहीं है इसमें कोई संदेह आज जो चल रहा है कल बिल्कुल नहीं होगा  नहीं संकोच … Read More

मानवता के झंडे -hindi poem on maanavata ke jhande

 hindi poem on  maanavata ke jhande मानवता के झंडे मानवता के झंडे आओ हम सब भी वह गाएँ, जिसे मनीषी गाए  हैं, अखिल विश्व  में मानवता के, झंडे नित फहराए … Read More

एक मुट्ठी राख -hindi poetry ek mutthee raakh

 hindi poetry ek mutthee raakh  एक मुट्ठी राख एक मुट्ठी राख एक मुट्ठी राख में सब हुस्न उसका मिल गया , प्रेम की प्रतिमा थी वह , देखा कलेजा हिल … Read More

पेंशनर्स की व्यथा-penshanars kee vyatha-डॉ.संपूर्णानंद मिश्र

 penshanars kee vyatha पेंशनर्स की व्यथा *पेंशनर्स की व्यथा* —————————– खो देता है बुद्धि, विवेक मनुष्य प्राप्त करने में इसको‌ रेत देता है गला संबंधों का भी बड़ी ताकत होती … Read More

Dussehra hindi poetry-दशहरा पर कविता

 Dussehra hindi poetry अभिवेक श्रीवास्तव दशहरा का त्योहार सदा, देता हम सबको ये सीख। झूठ और अन्याय छोड़, करें   सत्य   से  प्रीत॥ कितनी भी दुस्वारियाँ हों, पर हो सच्चाई का  … Read More

maa par ek aatm chintan– डॉ. दया शंकर पाण्डेय

 डॉ. दया शंकर पाण्डेय   माँ पर एक आत्म चिन्तन आँचल  से माँ   केजीवन का प्रारम्भ, बकँईयाँ से खड़े  होने तक  का    सफ़र, उठते गिरते घाव का वह क्षणिक असर, आँचल … Read More

आरक्षणी चुनावी दोहे -सीता राम चौहान पथिक

  आरक्षणी चुनावी  दोहे आरक्षणी चुनावी  दोहे पढ़े– लिखे मारे फिरै , बात बनै नहि कोय । आरक्षण के यान पर , चढै तो अफसर होय ।। जाति – पाति का … Read More

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