सृजन-गीत कब गायेगा | हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश’

सृजन– गीत कब गायेगा | हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश’ विश्व परिदृश्य का समसामयिक गीत सृजन – गीत कब गायेगा। कोई बता दे मानवता का ,परचम कब लहरायेगा,तहस-नहस को आतुर मानव,सृजन-गीत कब … Read More

नवल सृजन के अंकुर फूटें/ हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश

नवल सृजन के अंकुर फूटें शान्ति दूत बन काल-चक्र को,हमें नियंत्रित करना होगा ,रक्षा कातर मानवता की,सत्य-न्याय हित करना होगा। टेक। उजड़ा घर , वीरान शहर है,विश्वपटल पर मचा कहर … Read More

लेखनी चलती रहो तुम / डॉ. रसिक किशोर सिंह नीरज

लेखनी चलती रहो तुम लेखनी चलती रहो तुमबात सच कहती रहो तुम । स्याह नीली हो या पीलीलाल सूखी हो या गीलीभावनाओं संग में तुमरूप का आयाम हो तुमलेखनी चलती … Read More

आधार छंद वंशस्थ | बाबा कल्पनेश | हिंदी गीत

आधार छंद वंशस्थ | बाबा कल्पनेश | हिंदी गीत आधार छंद-वंशस्थ उषा प्रभा गान करे सुना करो।जगी रहो और सदा गुना करो।। प्रिये सदा प्रेम भरी रहा करो।द्वेष भरे भाव … Read More

मन के जगमग दीप जलाएं / डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी शैलेश

मन के जगमग दीप जलाएं / डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी शैलेश राग द्वेष का जहां तिमिर है साथ साथ मिल दूर भगाएं मिल कर आपस में हम अपने मन के … Read More

आ गया राखी का त्यौहार / डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी  शैलेश

आ गया राखी का त्यौहार / डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी  शैलेश आ गया राखी का त्यौहार आ गया राखी का त्यौहार बहना का भैया पर अपने बरसेगा शुभ प्यार।। आ … Read More

एक गीत देश के नाम /  कवि सुरेंद्र शर्मा सुमन

एक गीत देश के नाम /  कवि सुरेंद्र शर्मा सुमन एक गीत देश के नाम एक गीत देश के नाम।। जहाँ से न्यारा अपना देश, प्राण से प्यारा अपना देश। … Read More

Sainik Ke Munh Se – सैनिक के मुंह से | देश गीत

Sainik Ke Munh Se – सैनिक के मुंह से | देश गीत सैनिक के मुंह से ( देश गीत) ————————- वतन पर हम मिटें हैं हम, वतन के मीत कहलाते। … Read More

विरह गीत – दुर्गा शंकर वर्मा “दुर्गेश” | virah geet

विरह गीत – दुर्गा शंकर वर्मा “दुर्गेश” | virah geet प्रस्तुत गीत  वरिष्ठ गीतकार दुर्गा शंकर वर्मा “दुर्गेश”  के   द्वारा स्वरचित रचना  विरह गीत में प्रेमी और प्रेमिका  के   भाव … Read More

बुड्ढा जब बोला करता | शारद वंदन – बाबा कल्पनेश

बुड्ढा जब बोला करता | शारद वंदन – बाबा कल्पनेश बुड्ढा जब बोला करता वह बुड्ढा जब बोला करता,पीर छलक जाती थी। उसके बानी की प्रियता तो,मुझको अति भाती थी।। … Read More

अपना दर्द कहता हिंदुस्तान फिर रहा – पवन शर्मा परमार्थी

अपना दर्द कहता हिंदुस्तान फिर रहा – पवन शर्मा परमार्थी अपना दर्द कहता हिंदुस्तान फिर रहा अपना दर्द कहता हिंदुस्तान फिर रहा। बारूदी बम लेकर जवान फिर रहा।। मानव की … Read More

मन क्रुद्ध होता देख नारी का दमन / पवन शर्मा परमार्थी

मन क्रुद्ध होता देख नारी का दमन / पवन शर्मा परमार्थी प्रस्तुत रचना में नारी  पीड़ा का  उजागर लेखक के द्वारा किया गया है  कि किस तरह नारी का दमन  हो … Read More

सपने जब से तुम्हारे आने लगे हैं | Prem Geet

सपने जब से तुम्हारे आने लगे हैं | Prem Geet सपने जब से तुम्हारे आने लगे हैं सपने जब से तुम्हारे आने लगे हैं। प्रेम के ही सुमन खिलखिलाने लगे … Read More

डॉ. ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी शैलेश का रचना संसार

डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी शैलेश का रचना संसार एक सज़ल इसी शहर में कहीं तुम हो कहीं हम भी हैं। साथ में खुशियों के कुछ छोटे-छोटे गम भी हैं।। आप … Read More

मेरा भारत | Mera Bharat patriotic geet

मेरा भारत | Mera Bharat patriotic geet मेरा भारत हर तरफ देख देख आये हैं, ऐ वतन तेरी माटी की खुशबू, सारी दुनियाँ में नहीं पाये हैं, हर तरफ देख … Read More