तेरा मेरा नाता | आशा शैली | हिंदी कविता

तेरा मेरा नाता नदी नीर के नाते जैसा, तेरा मेरा नातातुझे पकड़ने दौडूँ मैं पर तू ओझल हो जाता परछाईं सूरज से मिलकर जैसे सब को छलतीतेरी मेरी लुकाछिपी भी … Read More

Asha Shailee Gazal | आशा शैली की ग़ज़ल

Asha Shailee Gazal | आशा शैली की ग़ज़ल मसले को बड़े प्यार से सुलझाना चाहिएहाँ, चाहतों को दिल भी तो दीवाना चाहिए सजदे कुबूल होंगे एक दिन यकीन हैउसकी गली … Read More

Hindi Gazal Lachari | लाचारी/ सीताराम चौहान पथिक

लाचारी | Hindi Gazal Lachari हर साथ ढूंढता है कोई ,बस – साथ के लिए ।हर हाथ ढूंढता है कोई ,इक हाथ- – के लिए ।। कितना बदल गया है … Read More

Jung Aur Aman – जंग  और अमन / सीताराम चौहान पथिक

Jung Aur Aman – जंग  और अमन / सीताराम चौहान पथिक जंग  और अमन  ज़िन्दगी सरगम है इक – – – , रागों में गाता जा रहा हूं । तार … Read More

Best Ghazal Of Asha Shaili – आशा शैली की चुनिंदा ग़ज़ले

Best Ghazal Of Asha Shaili – आशा शैली की चुनिंदा ग़ज़ले आशा शैली की चुनिंदा ग़ज़ले १. तरबतर हो गया इक अश्क से सहरा कैसे, इस कदर दर्द का दरया … Read More

Hindi Ghazal Shukriya –  शुक्रिया / सीताराम चौहान पथिक

Hindi Ghazal Shukriya –  शुक्रिया / सीताराम चौहान पथिक  शुक्रिया  ऐ दोस्त , तेरे प्यार को , हर्गिज भुला ना पाऊंगा , एहसान तेरे इस कदर , कैसे इन्हें चुकाऊंगा … Read More

Motivational Ghazal In Hindi- पवन शर्मा परमार्थी

Motivational Ghazal In Hindi- पवन शर्मा परमार्थी ग़ज़ल -१  किसी प्रकार बेटियों को, यहाँ बचाया जाय? उनके लिए आंदोलन, एक चलाया जाय। न्याय, होते न्याय नहीं, होता है देश में, … Read More

Corona Par Gazal- ग़ज़ल कोरोना पर

Corona Par Gazal- ग़ज़ल कोरोना पर क्रूरकाल है साथियों हर तरफ़ फैला कोरोना, क्रूरकाल है साथियों, सबको पड़ गया है रोना, क्रूरकाल है साथियों। सही सलामत आदमी भी, छोड़ दुनिया … Read More

Motivational Gazal on Corona Pandemic – राजेन्द्र वर्मा ‘ राज ‘

Motivational Gazal on Corona Pandemic मुश्किलें कुछ भले ही उड़ानों में हैं। मुश्किलें कुछ भले ही उड़ानों में हैं। पर मेरे हौसलें आसमानों में हैं।। तू मिटाकर मुझे इस क़दर … Read More

Hindi Sad Ghazals – पवन शर्मा परमार्थी

Hindi Sad Ghazals – पवन शर्मा परमार्थी आज मन बहुत दुःखी है ऐसा बुरा हुआ है हाल, आज मन बहुत दुःखी है, सबका जीना हुआ मुहाल,, आज मन बहुत दुःख … Read More

kuchh log khud ko maseeha banae phirate hain/ग़ज़ल

कुछ लोग ख़ुद को मसीहा बनाए फिरते हैं। (kuchh log khud ko maseeha banae phirate hain) कुछ लोग ख़ुद को मसीहा बनाए फिरते हैं। न जाने कौन सा क़िस्सा सुनाए … Read More

bhool sakate hain kaise tujhe zindagi /ममता सिंह

bhool sakate hain kaise tujhe zindagi : ममता सिंह की रचना भूल सकते हैं कैसे तुझे जिंदगी जो एक ग़ज़ल है जहाँ पर प्रेम के मनोभावों को प्रदर्शित किया गया … Read More