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Indian Culture Kavita Hindi/ भारतीय संस्कृति 

Indian Culture Kavita Hindi

भारतीय संस्कृति 

भारत- भाषा- संस्कृति ,
वेद — ज्ञान– भण्डार ।
गौ – गंगा – गीता त्रिविध ,
हैं    अमूल्य    उपहार ।

गुरु – ब्राह्मण – माता पिता ,
ज्ञान – लोक    के  द्वार ।
मन  वच  कर्म  सेवा करो ,
मेवा    मिले    अपार ।।

नारी शक्ति है पुरुष की ,
दोनों      से      संसार ।
संतानों   को   ज्ञान  दो ,
मिट  जाए  अंधियार  ।।

मर्यादा कुल की शान है ,
रामायण    से सीख ।
अपनी संस्कृति – सभ्यता ,
गैरों  से    मत     सीख ।।

समॄद्धि -शान्ति का पक्षधर ,
भारत बड़ा उदार ।
सेना काल समान है ,
शत्रु करें यदि वार ।।

भारतीय सब एक हैं ,
जाति धर्म बिसराएं
हो अखण्ड भारत सुदृढ़ ,
विश्व — मुकुट कहलाए‌ ।।

भारत विघटन कर रहे ,
बुद्धिजीवी कुछ लोग ।
प्रभु इनको सद-बुद्धि दे ,
मिटे स्वार्थ का रोग ।।

अतिथि रूप भगवान का ,
सादर भोग लगाओ ।
शुद्ध भारतीय संस्कृति ,
पथिक सभी अपनाओ ।।

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सीताराम चौहान पथिक

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