Click it!
Poems on mother in hindi | माँ पर कविताएं | माँ पर साहित्यिक कविता - HindiRachnakar

Poems on mother in hindi | माँ पर कविताएं | माँ पर साहित्यिक कविता

Poems on mother in hindi | माँ पर कविताएं | माँ पर साहित्यिक कविता

मेरी प्यारी मां 


मेरी प्यारी – प्यारी मां ,
धूप लगे बन जाए छांव
जाड़ा जब भी जरा सताए ,
गरम शाल ओढ़ाती‌ मां ।

भूख लगे पकवान बनाए ,
छोटे कौर खिलाए मां ।
ममता की मूरत है लगती ,
मेरी तो भगवान है मां ।

थोड़ी सी बीमार लगूं तो ,
डाॅक्टरो को बुलवाती मां ।
वैद्य – हकीमों को दिखलाती ,
तंत्र -मंत्र  करवाती मां ।

बिस्तर गीला जब हो जाए ,
सूखे में मुझे सुलाती मां ।
टुकुर – टुकुर मैं उसको देखूं ,
गीले में सो जाती मां ।

मां से अलग कभी ना करना,
हर बच्चे को देना मां ।
गोदी में खेले परमेश्वर ,
ऐसी अद्भुत है यह मां।।


मेरी कवयित्री मां ।।


मैया मेरी दूध -बतासा ,
ममता भरी स्नेह परिभाषा ।
रोज़ सुनाती वीर कथाएं ,
भर देती मुझमें नव आशा ।

मैया हिन्दी की कवयित्री ,
कवियों की सिरमौर कहाए।
बालगीत मनमोहक लिखती,
सर्व प्रथम वह मुझे सुनाए ।

मां सम्मेलन में ले जाती ,
कवियों से मुझको मिलवाती
ची -ची चिड़िया वाली कविता ,
सुना उन्हें , हिम्मत बढ़ जाती

मेरा सपना है – खूब पढूं ,
कालेज में प्रोफेसर बन जाऊं
मां की तरह बनूं कवयित्री ,
हिंदी का मैं ध्वज लहराऊँ ।।


— मां की याद —


मां, तुम्हारा स्नेहिल हाथ ,
बालों को मेरे सहृलाता ।
मुस्कान मधुर निहारती तुम ,
काश , कहीं ऐसा हो जाता ।

तुम होती मां- खूब खेल कर,
धूल सना जब मैं घर आता ।
झाड़- पोंछ  कर, सजा संवारती  ,
मैं राजा बेटा बन जाता ।

मां, आँचल  में मैं छिप जाता ,
नटखट बन कर तुझे रिझाता।
खूब खिलखिलाता, तब मां के ,
हाथों-स्याम डिठौना लग जाता ।

तुम पुकारती, कहां गया मैं ॽ
मौन साध कर मैं छिप जाता।
थोड़ा रुक कर अम्मा कहता ,
सुन मैया का मुख खिल जाता ।

मां की भूली बिसरी बातें ,
कर स्मरण मन में मुस्काता ।
जो विस्मृति में अटक गई है ,
तुम होती मां, स्मरण कराता ।

मां, मुझसे क्या भूल हो गई ,
शैशव में ही तोड़ा नाता ।
दादी ने स्नेह बरसाया ,
दादी-रूप मां का बन जाता ।

मां तुम दिख जाती दो पल को ,
स्वप्न साकार हो जाता ।
अपने मन के नील गगन में ,
मैं उड़ान भरता और गाता ।
काश, कहीं ऐसा हो जाता
काश, कहीं ऐसा हो जाता।


poems-on-mother-in-hindi
सीताराम चौहान पथिक

आपको  Poems on mother in hindi | माँ पर कविताएं | माँ पर साहित्यिक कविता /सीताराम चौहान पथिक  की  स्वरचित  रचनाएँ कैसी लगी , पसंद आये तो समाजिक मंचो पर शेयर करे इससे रचनाकार का उत्साह बढ़ता है।हिंदीरचनाकर पर अपनी रचना भेजने के लिए व्हाट्सएप्प नंबर 91 94540 02444, 9621313609 संपर्क कर कर सकते है। ईमेल के द्वारा रचना भेजने के लिए  help@hindirachnakar.in सम्पर्क कर सकते है|

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

HindiRachnakar will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.

Subscribe to Hindi Rachnakar to get latest Post updates